भारत में ज़िम्मेदारी से गोद लें या ख़रीदें
चाहे आप किसी शेल्टर (आश्रय गृह) से गोद लें, अपने इलाक़े के किसी सड़क के जानवर को घर लाएँ या किसी ब्रीडर से ख़रीदें, पहला हफ़्ता तब बेहतर बीतता है जब आपको जानवर का इतिहास पता हो और उसे सौंपने वाले व्यक्ति ने अपनी ज़िम्मेदारी निभाई हो। यहाँ जानिए कि क्या पूछें, और भारत के ब्रीडर नियमों में क्या ज़रूरी है।
शेल्टर या बचाव संस्था से गोद लेना
भारत के Dog Breeding and Marketing Rules, 2017 (कुत्तों के प्रजनन और विपणन संबंधी नियम, 2017) में पशु कल्याण संगठन उसे कहा गया है जिसे Animal Welfare Board of India (भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड) से मान्यता मिली हो, और इसमें ज़िला स्तर की Societies for the Prevention of Cruelty to Animals (SPCA) भी शामिल हैं। शेल्टर या बचाव संस्था ढूँढते समय बोर्ड की मान्यता, या ज़िले की SPCA होना, छाँटने का एक समझदारी भरा पहला पैमाना है। बोर्ड की वेबसाइट awbi.gov.in है।
स्रोत: Dog Breeding and Marketing Rules, 2017। 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
शेल्टर या बचाव करने वाले से पूछने लायक़ सवाल
- आप इस जानवर के इतिहास के बारे में क्या जानते हैं, और आप कितने समय से इसकी देखभाल कर रहे हैं?
- इसे कौन-से टीके लगे हैं और कौन-सी डीवर्मिंग (कृमि मुक्ति) हुई है, और किन तारीख़ों पर? क्या मुझे इनकी कॉपी मिल सकती है?
- क्या इसकी नसबंदी हो चुकी है? अगर बिल्ली है, तो क्या उसकी FeLV और FIV की जाँच हुई है?
- दूसरे कुत्तों, बिल्लियों, बच्चों और अजनबियों के साथ इसका व्यवहार कैसा है?
- यह अभी क्या खाता है, और कितना?
- क्या शुरुआती हफ़्तों में सलाह के लिए आपसे संपर्क किया जा सकता है, और अगर बात न बने तो क्या होगा?
अपने इलाक़े के सड़क के कुत्ते या बिल्ली को घर लाना
भारत में कई परिवार ऐसे कुत्ते या बिल्ली को गोद लेते हैं जिसे वे अपनी गली या बिल्डिंग से पहले से जानते हैं। उसे किसी भी ऐसे नए पालतू जानवर की तरह मानें जिसका इतिहास पता न हो: सबसे पहले पशु चिकित्सक से जाँच के लिए अपॉइंटमेंट लें, तब तक उसे दूसरे पालतू जानवरों से अलग रखें, और वयस्क कुत्ते या वयस्क बिल्ली की चेकलिस्ट पूरी करें।
ब्रीडर से पिल्ला ख़रीदना
Ministry of Environment, Forest and Climate Change (पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) द्वारा 23 मई 2017 को अधिसूचित Prevention of Cruelty to Animals (Dog Breeding and Marketing) Rules, 2017 (कुत्तों के प्रजनन और विपणन संबंधी नियम, 2017) कुत्तों के ब्रीडरों के कर्तव्य तय करते हैं। इनके तहत, दूसरी बातों के साथ, ब्रीडर के लिए ज़रूरी है:
- राज्य पशु कल्याण बोर्ड से पंजीकरण प्रमाणपत्र लेना और उसे अपने प्रतिष्ठान पर प्रदर्शित करना;
- आठ हफ़्ते से कम उम्र के पिल्ले न बेचना;
- छह महीने से ज़्यादा उम्र के कुत्तों को पहले उनकी नसबंदी कराए बिना न बेचना, जब तक कि उन्हें किसी दूसरे लाइसेंसशुदा ब्रीडर को न बेचा जा रहा हो;
- सिर्फ़ ऐसे स्वस्थ कुत्ते बेचना जिन्हें उनके टीके लग चुके हों;
- बेचे गए हर पिल्ले में माइक्रोचिप लगाना और उसके इलाज और टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड रखना;
- पिल्लों को तुरंत बिक्री के लिए सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शित न करना;
- हर ख़रीदार को बिक्री की रसीद देना, और उसकी एक कॉपी पिल्ले के माइक्रोचिप नंबर और ख़रीदार के संपर्क विवरण के साथ रखना; और
- ख़रीदार को लिखित में खाने-पीने का ब्योरा, टीकों और डीवर्मिंग की तारीख़ें, और पिल्ले का इलाज करने वाले पशु चिकित्सक का नाम और पता देना।
ये नियम ब्रीडरों से यह भी कहते हैं कि वे ख़रीदारों को इस आधार पर परखें कि क्या वे उस नस्ल की ग्रूमिंग, सामाजिकीकरण, जगह और पशु चिकित्सा से जुड़ी ज़रूरतें पूरी कर सकते हैं और उसके रख-रखाव का ख़र्च उठा सकते हैं। जो ब्रीडर आपसे ये सवाल पूछता है, वह वही कर रहा है जिसकी नियम उससे अपेक्षा करते हैं।
स्रोत: Dog Breeding and Marketing Rules, 2017। 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
ख़रीदते समय आपकी चेकलिस्ट
- पंजीकरण प्रमाणपत्र देखें।
- पक्का करें कि पिल्ला कम से कम आठ हफ़्ते का है।
- खाने-पीने, टीकाकरण और डीवर्मिंग का लिखित ब्योरा और पशु चिकित्सक का नाम लें।
- बिक्री की रसीद लें, और माइक्रोचिप नंबर लिखित में माँगें।
- सड़क किनारे या बाज़ार के किसी स्टॉल पर बिक रहे पिल्लों को छोड़कर आगे बढ़ जाएँ।
पक्का फ़ैसला करने से पहले
कुत्ता या बिल्ली कई सालों की ज़िम्मेदारी है। अच्छी तरह सोच लें कि रोज़ कौन टहलाएगा, खिलाएगा और सफ़ाई करेगा, आपके सफ़र पर जाने पर पालतू जानवर की देखभाल कौन करेगा, क्या आपकी बिल्डिंग या मकान मालिक पालतू जानवर रखने की इजाज़त देते हैं, और क्या आप टीकाकरण, परजीवी नियंत्रण और पशु चिकित्सक के अचानक आने वाले बिलों का ख़र्च उठा सकते हैं। अगर इनके जवाब पक्के न हों, तो किसी शेल्टर के लिए फ़ॉस्टर करना (कुछ समय के लिए जानवर को अपने घर रखना) यह जानने का अच्छा तरीक़ा है।
इस पेज के स्रोत
- Prevention of Cruelty to Animals (Dog Breeding and Marketing) Rules, 2017, Ministry of Environment, Forest and Climate Change, Government of India (G.S.R. 496(E)), Odisha Gazette में पुनः प्रकाशित रूप में (23 मई 2017 को अधिसूचित)। 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।